पाकिस्तान से जुड़े जासूसी नेटवर्क की जांच अब NIA के हाथों में

पाकिस्तान से जुड़े जासूसी नेटवर्क की जांच अब NIA के हाथों में

The investigation into the espionage network

The investigation into the espionage network

 लखनऊ। राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में संवेदनशील स्थलों की वीडियो रिकॉर्डिंग और निगरानी से जुड़े पाकिस्तान जासूसी नेटवर्क की जांच अपने हाथ में ले ली है।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अब तक इस मामले में 21 आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गाजियाबाद पुलिस ने इसकी पुष्टि की है कि एनआईए ने एफआईआर, गिरफ्तारी रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्य और पूछताछ से जुड़ी जानकारी मांगी है, जांच सौंपने की प्रक्रिया जारी है।

जासूसी के इस मामले का राजफाश पिछले दिनों गाजियाबाद पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर किया था। अभी तक की जांच में यह जानकारी सामने आई है कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थानों के वीडियो और लाइव फुटेज रिकॉर्ड कर पाकिस्तान के आतंकी हैंडलरों को भेजे जा रहे थे।

कौशांबी थाने में इस संदर्भ में मुकदमा दर्ज किया गया था। संदिग्ध आतंकियों का यह गिरोह पाकिस्तानी हैंडलरों के इशारे पर गाजियाबाद, दिल्ली, सोनीपत और आसपास के इलाकों में रेलवे स्टेशनों, सुरक्षा बलों के प्रतिष्ठानों और अन्य संवेदनशील स्थानों की सीसीटीवी कैमरों से निगरानी कर रहा था।

इस मामले में पुलिस को पहली बड़ी सफलता 14 मार्च को सुहैल मलिक उर्फ रोमियो (बिजनौर), इरम उर्फ मेहक (संभल) और उनके सहयोगियों प्रवीण, राज वाल्मीकि, शिवा वाल्मीकि व रितिक गंगवार की गिरफ्तारी से मिली थी। इसके बाद गिरोह से जुड़े कई अन्य संदिग्घ आतंकियों को 20, 22 और 24 मार्च को गिरफ्तार किया गया था।

जांच एजेंसियां फंडिंग के स्रोतों की भी पड़ताल कर रही हैं। आशंका है कि पाकिस्तान स्थित हैंडलरों से भारत में सक्रिय आरोपियों तक धन पहुंचाया गया, जिसका इस्तेमाल निगरानी उपकरण लगाने और खुफिया जानकारी जुटाने में किया गया।

एनआईए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एजेंसी पूरे षड्यंत्र की जांच करेगी, जिसमें अन्य राज्यों में ऐसे मॉड्यूल की मौजूदगी, विदेशी हैंडलरों की पहचान और किसी शत्रु खुफिया एजेंसी की संभावित भूमिका शामिल है।